चतरा जिला के उत्तरीकर्णपूरा टंडवा प्रखंड ब्लॉक के 96 गाँव की आवाम हर साँस में देते है मौत को पैगाम, जीवन के लिए सबसे मत्वपूर्ण वायु मे जहर घोल रही हैं एनटीपीसी टंडवा,*

चतरा जिला के उत्तरीकर्णपूरा टंडवा प्रखंड ब्लॉक के 96 गाँव की आवाम हर साँस में देते है मौत को पैगाम

*जीवन के लिए सबसे मत्वपूर्ण वायु मे जहर घोल रही हैं एनटीपीसी टंडवा,*
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उज्जवल कुमार की रिपोर्ट

*विषैले वायुमंडल में सांस लेने को मजबूर है टंडवा क्षेत्र के आम लोग। जिन लोगों का दिन प्रतिदिन घट रही है जीने की आयु*
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चतरा:- टंडवा
जहाँ एक तरफ सीसीएल के आम्रपाली चंद्रगुप्त क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण हेतु सड़को पर झाड़ू लगवाकर वाटर स्प्रिंकलर का छिड़काव करवाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा छाय ट्रांसपोर्टिंग कार्य में और चिमनी के धुएं से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण कन्ट्रोल मानकों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। टंडवा प्रखंड के टंडवा स्थित संचालित एनटीपीसी टंडवा परियोजना के द्वारा रोजाना जले कोयले की राख़ / छाय को इस प्रकार से हाइवा के द्वारा सड़कों में भेजी जा रही है जिस प्रकार से सड़कों में रोजाना जहर का छिड़काव किया जा रहा है क्योंकि कोयले कि राख / छाय न सिर्फ सड़कों में गिर के राहगीरों के लिए रास्ते मे बाधा उत्तपन्न करती है बल्कि साथ ही साथ इसे निकलने वाले धुल कन कहीं ना कहीं जहर से भी ज्यादा अत्याधिक हानिकारक हैं, जो रोजाना एनटीपीसी टंडवा से लेकर के गंतव्य स्थान तक जाने के क्रम में कई स्थानों तक यह एनटीपीसी के द्वारा जहर की छिड़काव रास्तों में की जा रही है जिससे न सिर्फ इंसानों को अपनी जिंदगी की खतरा हो रहा है इसके साथ-साथ रास्ते में पड़ने वाले जानवर मवैसी को भी कहीं ना कहीं जिंदगी की खतरा बढ़ रहा है। कोयले से बनी राख का इस्तेमाल बड़े-बड़े कंपनियां तो अपने मुनाफे के लिए कर रही है लेकिन वह यह नहीं समझ पा रही है कि कहीं ना कहीं इसके वजह से आम जनमानस का जीवन एक प्रकार से रोजाना जहर खाने को मजबूर है।

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झारखंड में संचालित कोल परियोजनाओं में बड़का साहब कि कमीशनखोरी, अनगिनत टेबुल खर्च, फिक्स महीना वसूली, और अब कोयला ट्रांसपोर्टिंग में प्रति टन टना टन वसूली का फरमान से त्राहिमाम कर रहे हैं कोयला ट्रांसपोर्टर व्यवसायिक वर्ग

आम्रपाली – चन्द्रगुप्त क्षेत्र के नये महाप्रबंधक संजीव कुमार ने लिया पदभार बोले परियोजना विस्तार के लिए जमीनों की पड़ती हैं आवश्यकता रैयत बिना किसी झिझक के परियोजना विस्तार के लिए प्रबंधन के साथ रहें खड़ा रैयतो के समस्यायों के समाधान के लिए रहूँगा सदैव तत्पर

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