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आम्रपाली कोल परियोजना के विस्थापित गाँव कुमरांग कला, कुमरांग खुर्द में शारदीय नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 22 सितंबर, सोमवार कलश स्थापना से शुरू हुआ।
शारदीय नवरात्रि 2025 का शुभारंभ कुमरांग खुर्द के ग्रामीण भक्तों ने इसकी शुभारंभ कलश यात्रा से किया। जिसमे सैकड़ो ग्रामीण भक्तों ने कलश यात्रा में भाग लिया। वहीं कुमरांग कला गांव में भी तमाम ग्रामीण भक्तों ने दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने भक्तिभाव से माँ भगवती शारदीय नवरात्रि का आयोजन कर पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा किये, और कलश स्थापित किया। समस्त ग्रामीणों ने मां शैलपुत्री जो सौभाग्य की देवी मानी जाती हैं, उनसे सम्पूर्ण ग्राम में शुख शांति और सभी के सौभाग्य, समृद्धि और स्थिरता प्राप्त करने हेतु आचार्य रामानंद मिश्रा, आचार्य आशुतोष मिश्रा के मंत्र ध्वनि में अभिभूत होकर सभी ग्राम वासी ने माता के आवागमन पर उनको नमन किया कलश स्थापित किया। आचार्य रामानंद मिश्रा ने भक्तों को बताया कि कि मां शैलपुत्री का जन्म हिमालय पर्वत में हुआ और इसलिए उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है शैल का अर्थ है पर्वत। माँ शैलपुत्री का रूप शक्ति, साहस और स्थिरता का प्रतीक है। कुमरांग कला से पूजा समिति अध्यक्ष अभिषेक कुमार, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार, महेंद्र साव, उज्जवल ना दास, पुजारी राजेश कुमार और समस्त ग्रामीण ने माता के 9 दिनों कि पूजा को शांति सदभाव से सम्पन्न कराने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। वहीं कुमरांग कला में पूजा समिति के द्वारा 9 दिनों के लिए बाल योगी महाराज को प्रवचन करने हेतु आमंत्रित किया है। जहाँ प्रत्येक संध्या बालयोगी महाराज के द्वारा भागवत पाठ, प्रवचन किया जा रहा है। वहीं कुमरांग खुर्द में भी प्रथम दिन कलश स्थापना से पहले सम्पूर्ण ग्रामीण भक्त,महिला पुरुष ने कलश यात्रा निकाल कर मां दुर्गा का कलश स्थापित किया। कलश यात्रा में सुरेंद्र कुमार साहू सुनील कुमार यादव प्रेमचंद कुमार बसंत कुमार आदित्य कुमार साहू बद्री साहू जोगेंद्र कुमार सुनील कुमार दिलीप कुमार राणा दीपक साहू राजेंद्र प्रसाद इंद्रदेव साहू दिनेश्वर साहू टेकनाथ साहू पंडित आचार्य विद्यानंद पांडे भी उपस्थित रहे।
