


आम्रपाली कोल परियोजना में विस्थापित भू रैयतों की बैठक में पुनर्वास, मुवाबजा दर, जीएम जेजे फारेस्ट फारेस्ट डायवर्सन सहित अन्य मुद्दों पर ग्रामीण हुए गोलबंद
आम्रपाली कोल परियोजना में तीसरे चरण में खनन कार्य करने जो भी कंपनी आएगी उपरोक्त कंपनी प्रबंधन, आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े विस्थापित भू रैयतों के साथ वार्ता उपरांत ही खनन और सम्प्रेषण का कार्य प्रारंभ करें:- विस्थापित ग्रामीण भू रैयत
विस्थापित गाँव मे सीसीएल प्रबंधन केम्प लगाकर भू रैयतों का पैप कार्ड बनाये।
नॉकरी मुवाबजा देने की प्रक्रिया को लचीला और आसान बनाये सीसीएल प्रबंधन:- विस्थापित ग्रामीण
आम्रपाली कोल परियोजना से विस्थापित गांव कुमरांग कला में दिन मंगलवार को माता देवी मंडप में भू रैयत ग्रामीणों की बैठक का आयोजन किया गया । सभा की अध्यक्षता राजेन्द्र यादव एवं संचालन संदीप कुमार ने किया। बैठक में बारी -बारी से भू रैयत किसानों ने निजी और सार्वजनिक समस्याओं से सभा को अवगत कराया। जिनमे मुख्य रूप से विस्थापन, पुनर्वास, मुवाबजा दर, पर सभी ने चर्चा किया।
वहीं विस्थापित भू रैयतों ने कहा कि सर्वप्रथम सीसीएल प्रबंधन सम्पूर्ण अधिग्रहित रैयती, जीएम जेजे जमीन का एकसाथ सत्यापन करवाकर नॉकरी मुवाबजा देने की प्रक्रिया को सरल और लचीला बनाये। फारेसट जेजे जमीन का डायवर्जन करवाकर संबंधित भू रैयत को नॉकरी मुवाबजा अबिलम्ब देने पर जोर दे। वहीं ग्रामीण भू रैयतों के बैठक में उपस्थित चतरा लोकसभा सांसद के सीसीएल प्रतिनिधि प्रेम विकास ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप ग्रामीणों की जायज मांगो को न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए उचित प्लेटफॉर्म पर जरूर रखेंगे। और आपका गाँव का बेटा होने के नाते मेरा प्रयास और सौभाग्य रहेगा कि लोकतांत्रिक और न्यायसंगत तरीके से आप सभी के जायज मांगो के लिए संघर्ष करूँ। बैठक में प्रस्ताव लिया गया कि आम्रपाली कोल परियोजना में तीसरे चरण में खनन कार्य करने जो भी कंपनी आएगी उपरोक्त कंपनी प्रबंधन, आम्रपाली से विस्थापित भू रैयतों के साथ वार्ता उपरांत ही खनन और सम्प्रेषण का कार्य प्रारंभ करें। सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि विस्थापित गांव की जनसंख्या को मानक मानते हुए ही रोजगार और सभी प्रकार की सुविधा मुहैया कराया जाए। साथ ही विस्थापन एवं पुनर्वास नीति के तहत सीसीएल प्रबंधन भू रैयतों को उनका हक अधिकार देना सुनिश्चित करे। विस्थापित गाँव मे सीसीएल प्रबंधन केम्प लगाकर भू रैयतों का पैप कार्ड बनाये। वहीं समस्त कुमरांग कला के ग्रामीणों के द्वारा ग्राम बैठक में लिए गए निर्णय की कॉपी सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाएगा। उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि विस्थापित ग्रामीण कोई भी निर्णय या विरोध, सीसीएल प्रबंधन, प्रशासन एवं जिला प्रशासन को बिना अवगत कराएं नही करेंगे। ग्रामीणों को जिला प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन पर पूर्ण विस्वास है कि विस्थापित भू रैयतों को उनका हक अधिकार से बंचित नही रखा जाएगा। बैठक में उपस्थित सुखलाल भुइयां, मिठ्ठू राम, मनोज नारायण दास, प्रेम विकास, अरबिंद नारायण दास, शंभु कुमार, आंनद कुमार, सुरेश साव, चुनु सिंह, अजय नारायण देव, अमलेश नारायण दास, रमुन यादव, ऋतु भुइया, आशीष चौधरी, प्रवेश कुमार, कमेशर सिंह, बजरंगी सिंह,सूदन गंझू, राजेंद्र ओझा, मुन्ना ओझा, टिकन भुइयां, पंकज कुमार, सहित सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित थे।