
*कौन हैं झारखंड के ‘टाइगर’ जयराम महतो, जिनकी जीत ने कर दिया दिग्गजों को भी हैरान*
जहाँ झारखंड के चुनाव नतीजों में इंडिया अलायंस को बड़ी सफलता मिली है. वहीं इस चुनाव में जयराम महतो का नाम खूब चर्चा में है रहा। कौन है यह शख्स जिसकी हो रही इतनी चर्चा.
झारखंड विधानसभा चुनाव नतीजे बीजेपी (BJP) के लिए इस बार झटका साबित हुआ। पार्टी प्रदेश की सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी, लेकिन नतीजे निराश करने वाले हैं. दूसरी ओर इस चुनाव में जयराम महतो की भी काफी चर्चा हो रही है. जयराम महतो ने निर्दलिय लोकसभा चुनाव लड़ा था और उन्हें बहुत ज्यादा वोट भी मिले थे. अब डुमरी विधानसभा सीट से करीबी मुकाबले में वह जीत दर्ज करने में कामयाब रहे हैं. हालांकि, बेरमी सीट से वह वोटर का दिल नही जीत सके. उनके समर्थक उन्हें टाइगर नाम से भी बुलाते हैं.
लिहाजा झारखंड की राजनीति से जयराम महतो अपरिचित नहीं हैं. अलग राज्य आंदोलन में उनके पिता ने सक्रिय भूमिका निभाई थी. साल 2022 में झारखंड में हुए भाषा आंदोलन से वह पहली बार चर्चा में आए थे. उनकी रैलियों में अब तक भारी भीड़ जुटती रही है. हालांकि, इस भीड़ को वह वोटों में बदलने में कामयाब नहीं हुए. वह झारखंड की स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने वाले आंदोलन में सक्रिय रूप से उभरे थे. विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी जेएलकेएम को पंजीकृत किया। उनकी पार्टी ने 71 सीटों पर चुनाव लड़ा जिसमें से एक पर जीत मिली। हालांकि कुछ राजनैतिक विशेषज्ञ का मानना है कि इस विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा ने हल्के में लेकर बहुत सीटों पर नुकसान भी उठाया है। जयराम महतो ने सीधे तौर पर भाजपा के वोट बैंक में शेंध मारकर काफी वोट भाजपा का कम किया है जिसका फायदा पूर्ण रूप से इंडिया गठबंधन को हुआ है। वहीं जयराम महतो ने सीधे तौर पर आजसू पार्टी के अस्तित्व को भी खतरे में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर हैं चर्चित हस्ती जयराम महतो की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग भी हैं. फिलहाल उनकी उम्र सिर्फ 29 साल है और वह खास तौर पर युवाओं के रोजगार और स्थानीयता का मुद्दा जोर-शोर से उठाते रहे हैं। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर उनके वीडियो को लाखों व्यूज मिलते हैं. इसमें वह प्रदेश में करप्शन समेत दूसरे मुद्दों को उठाते दिखे हैं. पढ़ाई-लिखाई की बात की जाए, तो चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के मुताबिक उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। *बहरहाल अब ये देखना भी बड़ा दिलचस्प होगा कि अपने जनसभाओं में स्कॉर्पियो पर चढ़कर दहाड़ने वाले जयराम विधानसभा में जनता के हक़ अधिकार के लिए कितना दहाड़ पाते हैं।*