आम्रपाली कोल परियोजना में 7.5% भाड़ा बृद्धि के साथ वाहन मालिक संघ का हड़ताल समाप्त।
वार्ता में ट्रांसपोर्टर ने वर्तमान रनिंग डीओ में प्रति टन 7.5% भाड़ा बृद्धि के साथ भाड़ा देने पर बनाई अपनी सहमति।
वहीं ट्रांसपोर्टर – लिफ्टर को वर्तमान डीओ को छोड़कर अपने नए डीओ आने पर विस्थापित वाहन मालिक संघ( बोर्ड) द्वारा तय भाड़ा का वितरण करना होगा।
चतरा जिला के टंडवा प्रखंड में संचालित आम्रपाली कोल परियोजना में विस्थापित वाहन मालिक संघ द्वारा भाड़ा बृद्धि के मांग को लेकर 1 अगस्त 2023 से ट्रकों द्वारा कोयला उठाव बंद किया गया था। जिसका समर्थन ट्रक ऑनर सहित सभी राजनैतिक पार्टियों के साथ साथ स्थानीय सिमरिया विधानसभा के विधायक किशुन दास ने भी किया था। वाहन मालिक संघ का मांग था कि बोर्ड द्वारा तय भाड़ा में 5% बृद्धि हो और बकाया भाड़ा का ट्रांसपोर्टर द्वारा भुगतान किया जाए।
इसी संदर्भ में सीसीएल के महाप्रबंधक अमरेश कुमार सिंह के सकारात्मक पहल पर सीसीएल के ट्रांसपोर्ट मैनेजर ने आम्रपाली में कोयला उठाव कार्य कर रहे सभी ट्रांसपोर्टर और लिफ्टर एवं विस्थापित वाहन मालिक संघ को पत्र के माध्यम से आज त्रिपक्षीय वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। इसी संदर्भ में आज दोपहर 12 बजे सीसीएल के आम्रपाली पीट ऑफिस में सीसीएल प्रबंधन- ट्रांसपोर्टर एवं विस्थापित वाहन मालिक संघ के सदस्यों के बीच वार्ता शुरू हुई। वार्ता के दौरान वाहन मालिक संघ संयोजक आशुतोष मिश्रा एवं उनके सहयोगी पदाधिकारियों ने सीसीएल प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर के समक्ष अपनी मांगों को रखा । सभी मांगो को सुनने के बाद आम्रपाली के ट्रांसपोर्ट मैनेजर सुधांशु शर्मा ने बारी- बारी से ट्रांसपोर्टरों के साथ वार्ता किया। बैठक में परियोजना के महाप्रबंधक अमरेश सिंह भी भाग लिए। वहीं श्री सिंह ने ट्रांसपोर्टरों से स्थानीय ट्रक वाहन मालिकों के साथ पारस्परिक सामंजस्य बनाते हुए कार्य करने का आदेश भी दिए। घंटो बैठक चलने के बाद वर्तमान डीओ में पर टन 7.5% भाड़ा में बृद्धि और नए डीओ में वाहन मालिक संघ (बोर्ड ) द्वारा तय भाड़ा देने की बात पर सहमति बनी। वार्ता के अंत मे विस्थापित वाहन मालिक संघ ने बंदी वापस लेने का निर्णय स्वीकार किया।